150+ Waqt Shayari in Hindi | वक़्त शायरी

Waqt Shayari (वक़्त शायरी): Are you looking for emotional bura waqt shayri in hindi? See here, we have brought to you waqt Shayari in 2 line, Waqt Shayari attitude, and love.

Waqt Shayari In Hindi

waqt shayari

शायद ये वक़्त हम से कोई चाल चल गया,
रिश्ता वफ़ा का और ही रंगों में ढ़ल गया,
अश्क़ों की चाँदनी से थी बेहतर वो धूप ही,
चलो उसी मोड़ से शुरू करें फिर से जिंदगी।

shayari on waqt

वक़्त का किसी से कोई बैर नहीं,
खुद लोग ही वक़्त से बातें बिगाड़ कर
बुरे वक़्त को न्योता देते हैं।

waqt shayari in hindi

सुनो, कभी तोहफे में घड़ी दी थी तुमने,
अब जब भी देखती हूं तो यही ख्याल आता है,
की काश तुम मुझे थोड़ा वक़्त भी देते।

bura waqt shayari

जनाब, मालूम नहीं था की ऐसा भी एक वक़्त आएगा,
इन बेवक़्त मौसमों की तरह तू भी यु क्षण-भर में बदल जाएगा।

emotional waqt time shayari

ज़िंदगी की जरूरतें समझिये,
वक्त कम है और फरमाइश लम्बी हैं,
सच-झूठ, जीत-हार की बातें छोड़िये,
इनकी दास्तान बहुत लम्बी है।

Bura Waqt Shayari

अगर जिंदगी में बुरा वक़्त ना आये,
तो हम अपनों में पराये और परायों में अपने
कभी नहीं ढूंढ पाएंगे।

मैं तो वक्त से हार कर अपना सर झुकाएँ खड़ा था,
और सामने खड़े कुछ लोग ख़ुद को बादशाह समझने लगे।

waqt shayari 2 lines

वक़्त लगता है खुद को बनाने में,
इसलिए वक़्त बर्बाद मत करो,
बेवजह किसी को मनाने में।

waqt waqt ki baat hai shayari

समय की परीक्षा कठिन जरूर होती है,
लेकिन परिणाम आपके हाथों में होता है।

bure waqt ki shayari

बेवजह तुम्हें यु याद करना,
बेवजह दोस्तों को यु परेशान करना,
शायद फिजूल ही था,
तुम पर वक्त बर्बाद करना।

waqt manzil shayari

ख़फा हम किसी से नहीं जनाब,
बस जरा वक़्त की कमी है,
आसमान में उड़ने का एक ख्वाब है,
और पैरों तले हमारे जमीं है।

कुछ और वक्त बेशक लगा कर आना,
लेकिन जरूर कुछ वक्त लेकर आना।

bure waqt par shayari

किसी को भी कमजोर मत समझना क्योंकि,
तक़दीर को बदलने में वक़्त नहीं लगता।

धोखा ना देना,कि तुझपे ऐतबार बहुत है,
ये दिल तेरी चाहत का तलबगार बहुत है,
तेरी सूरत ना दिखे तो दिखाई कुछ नहीं देता,
हम क्या करें, तुझसे हमें प्यार बहुत है।

Waqt Shayari 2 Lines

waqt ke sath badalna shayari in hindi

बुरा वक्त तो सबका आता हैं, ऐ दोस्त
कोई बिखर जाता हैं, तो कोई निखर जाता हैं।

mushkil waqt shayari

जब आप का नाम जुबान पर आता हैं,
पता नहीं दिल क्यों मुस्कुराता हैं,
तसल्ली होती है मन को, कोई तो है अपना,
जो हँसते हुए हर वक्त याद आता हैं।

waqt shayari ghalib

रोने से किसी को पाया नहीं जाता,
खोने से किसी को भुलाया नहीं जाता,
वक़्त सबको मिलता है ज़िन्दगी बदलने के लिए,
पर ज़िन्दगी नहीं मिलती वक्त बदलने के लिए।

हर रोता हुआ लम्हा मुस्कुराएगा,
तु सब्र रख ऐ दोस्त,
अपना भी वक्त आयेगा।

न जाने क्यों वक़्त इस तरह गुजर जाता है,
जो वक़्त बुरा है वो पलट के सामने आता है,
और जिस वक़्त को हम दिल से पाना चाहते हैं,
वो तो बस एक लम्हा बनकर यू बीत जाता है।

कुछ इस तरह से सौदा किया मुझसे मेरे वक्त ने,
तजुर्बे देकर वो मुझसे मेरी नादानियां ले गया।।

किस हक से मांगू अपने हिस्से का वक्त आपसे,
क्योंकि ना आप मेरे हैं ओर ना ही वक्त मेरा हैं।

waqt shayari attitude

किसी की मजबूरियों पर मत हँसिये,
कोई मजबूरियाँ ख़रीद कर नही लाता,
डरिए समय की मार से क्योंकि,
बुरा समय किसी को बताकर नही आता।

Emotional Waqt Time Shayari

waqt shayari love

कभी हाथों में उसका हाथ था,
जिंदगी में उसका प्यारा सा साथ था,
आज बदल गए हैं दिन, और बिखरे जज़्बात हैं,
वो भी वक्त की बात थी, ये भी वक्त की बात है।

waqt shayari rekhta

वक्त ने फंसाया है, लेकिन मैं परेशान नहीं हूँ,
हालातों से हार जाऊं मैं वो इन्सान नहीं हूँ।

ये वक़्त नूर को बेनूर कर देता है,
छोटे से जख्म को नासूर कर देता है,
कौन चाहता है अपनों से दूर रहना,
पर वक़्त सबको मजबूर कर देता है।

ये जरूरी नहीं कि वक्त के हाथों हर दफा जफा हो,
कई मजबूरियां भी होती हैं किसी की,
हर शख्स बेवफा नहीं होता।

आगे वही बढ़ पायेगा
जो जिंदगी को अपने हिसाब से चलाएगा,
कौन रहेगा मैदान में, कौन बाजी हारेगा
किसमें है कितना दम, ये वक्त ही बताएगा।

दुनिया समझती है बेकार जिसे,
वो खोटा सिक्का भी एक दिन चल जायेगा,
मंजिल चुन कर बढ़ चुका हूँ मैं,
हौसले बढ़ रहे हैं मेरे और वक्त भी बदल जायेगा।

waqt shayari sad

संघर्ष की राहों पर चल कर,
इंसान सफल हो जाता है,
विश्वास जो होता है खुद में,
तो समय बदल ही जाता है।

Waqt Shayari Ghalib

हर वक्त इंसान ही नहीं गलत होता,
कभी कभी वक्त भी गलत होता है।

वक़्त जरा कम हैं तुम्हे मनाने के लिए,
आओ इसे बचा ले साथ बिताने ले लिए,
जीवनसाथी तो हमने तुम्हे चुन ही लिया हैं,
बस थोडा समय दे देना इसे साथ निभाने के लिए।

पैसा कमाने के लिए इतना वक़्त खर्च ना करो,
की पैसा खर्च करने के लिए ज़िन्दगी में वक़्त ही न मिले।

कल अगर मिला वक़्त,
तो ज़ुल्फ़ें तेरी सुलझा लूंगा,
आज उलझा हूँ ज़रा वक़्त को सुलझाने में।

waqt shayari gulzar

ये वक़्त हर किसी का आता हैं,
समय लेता हैं पर समय पर बदल जाता हैं,
कौन चाहता हैं किसी अपने से दूर होना,
पर ये वक्त हैं जो सभी को मजबूर कर देता हैं।

सियाह रात नहीं लेती नाम ढलने का,
यही तो वक़्त है सूरज तेरे निकलने का।

Waqt Shayari Attitude

ऐ दिल की ख़लिश चल यूँ ही सहीं,
चलता तो हूँ उन की महफ़िल में,
उस वक़्त मुझे चौंका देना,
जब रँग में महफ़िल आ जाए।

सब एक नज़र फेंक के बढ़ जाते हैं आगे,
और मैं वक़्त के शो-केस में यूँही खड़ा रह जाता हूँ।

इक साल गया इक साल नया है आने को,
पर वक़्त का अब भी होश नहीं दीवाने को।

छुपा लो एक दिन, बेनकाब हो जाओगे,
समय जानता हैं सबको बेनकाब करना,
बच हम भी न पाए, बच तुम भी न पाओगे।

अगर फ़ुर्सत मिले तो पानी की तहरीरों को पढ़ लेना,
हर इक दरिया हज़ारों साल का अफ़्साना लिखता है।

शायद यह वक़्त हम से कोई चाल चल गया,
रिश्ता वफ़ा का और ही रंगों में ढ़ल गया,
अश्क़ों की चाँदनी से थी बेहतर वो धूप ही,
चलो उसी मोड़ से शुरू करें फिर से जिंदगी।

वक़्त अजीब चीज़ है, वक़्त के साथ ढल गए,
तुम भी बहुत करीब थे, अब बहुत बदल गए।

Waqt Shayari Love

बड़ा इंतज़ार किया हैं उन्हें बार बार मनाकर,
कुछ पल में ही ख़त्म हो गया सब कुछ,
उन्हें किसी और की बाहों में देखकर।

वक्त बहुत कम है साथ बिताने में,
इसे न गवांना कभी रूठने मनाने में,
रिश्ता तो हमने बांध ही लिया है आप से,
बस थोड़ा सा साथ दे देना इसे निभाने में।

वक्त की यारी तो हर कोई कर लेता है,
जब वक़्त बदले और यार न बदले, मजा तो तब है।

वक़्त कहता है के फिर न आऊंगा,
तेरी आँखों को अब न रुलाऊंगा,
अगर जीना है तो इस पल को जी ले,
शायद मैं कल तक नहीं रुक पाउँगा।

बुरा हो वक्त तो सब आजमाने लगते हैं,
बड़ो को छोटे भी आँखे दिखाने लगते हैं,
नये अमीरों के घर भूल कर भी मत जाना,
हर एक चीज की कीमत बताने लगते हैं।

Waqt Shayari Sad

ना करो हिमाकत किसी के वक़्त पर हसने की,
ये वक़्त है जनाब, सबके चेहरे याद रखता है।

समय सब के पास हैं लेकिन हमेशा के लिए नहीं,
जो चाहे कर लो आज में ही, कल का भरोसा नहीं।

किसी की मजबूरियों पर मत हँसिये,
कोई मजबूरियाँ ख़रीद कर नही लाता,
डरिए वक्त की मार से क्योकि,
बुरा वक्त किसी को बताकर नही आता..!!

सो रही है दुनिया, बस एक सपनों का तलबगार जाग रहा है,
दिन भी छोटे और रातें भी छोटी लगती हैं,
समय जैसे जिंदगी से भी तेज भाग रहा है।

अजनबी शहर में एक दोस्त मिला,
पर जब भी मिला मजबूर मिला,
वक्त उसका नाम था।

एहसान तुम्हारे एकमुश्त,
किश्तों में चुकाए हैं हमनें,
कुछ वक्त लगा पर अश्कों के,
कुछ सूद चुकाए हैं हमनें।

हमें हर वक़्त ये एहसास दमन-गिर रहता है,
पड़े हैं ढेर सारे काम और मोहलत ज़रा सी हैं।

लगा कर हमें आदत अपनी इस मोहब्बत की अब,
कहते हो दूर रहो हमसे मेरे पास वक़्त नहीं हैं।

जब हम रिश्तों के लिए वक़्त नहीं निकाल पाते,
तब वक़्त हमारे बिच से रिश्ता निकाल देता हैं।

इतनी जल्दी हार मत मान ज़िन्दगी से,
आज वक़्त बुरा है तो कल अच्छा भी होगा।

ज़िन्दगी ने मेरे दर्द का क्या खूब ईलाज़ सुझाया,
समय को दवा बताया,
और ख्वाइशों को परहेज बताया।

अच्छा वक़्त देख सहारा लेते हैं लोग,
कुछ वक़्त बिता के छोड़ जाने के लिए।

वक़्त का ख़ास होना जरुरुई नहीं,
ख़ास लोगों के लिए वक़्त का होना जरुरी हैं।

वक़्त पे जो इंसान काम आता हैं,
उसका चेहरा तो भुलाये से भी भुला नहीं जाता हैं।

वक़्त की क़द्र करोगे, तो बहुत कुछ पा लोगे,
अगर करोगे इसे व्यर्थ, तो होगा जीवन अनर्थ।

तुम दगा करो तब भी गद्दार नहीं,
हम खफा करें तो भी गुनाहगार हैं,
खता तेरी नहीं ओ सनम मेरे,
ये तो वक़्त वक़्त की मार हैं।

वक़्त अच्छा हो तो आपकी
हज़ारों गलतियां भी मज़ाक लगती हैं,
अगर वक़्त बुरा ही तो आपका एक मज़ाक भी
हज़ारों गलतियों के बारबार होती हैं।

पूरा कर लेते हैं, अपना हर मक़सद,
जो बन्दे होते हैं वक़्त के पाबंद।

कितना भी सता ले हमें ये वक़्त,
हम खुद को टूटने नहीं देंगे,
बस इसी मोड़ पर एक दिन
तुझे भी बदलने को मजबूर कर देंगे।

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