150+ Matlabi Shayari | मतलबी शायरी

Matlabi Shayari in Hindi: आज के इस लेख में आपके लिए मतलबी शायरी हिंदी लेके आए है। इस तरह की मतलबी शायरी हिंदी आपको मिलना मुश्किल है। आप यह लेख अपने मित्रो के साथ साझा कर सकते हैं।

Matlabi Shayari

matlabi shayari in hindi

कौन किसको दिल में जगह देता हैं,
सूखे पत्ते तो पेड़ भी गिरा देता हैं,
वाकिफ हैं हम दुनिया के रिवाजो से,
मतलब निकल जाये तो हर कोई भुला देता हैं।

अपने मतलब के लिये लोग, अक्सर बदल जाते हैं,
वे अपनो को पीछे छोड़ कर, आगे निकल जाते हैं,
कोई मरता भी हो तो उनकी बला से,
वो तो मरे पर कदम रखकर, आगे बढ़ जाते हैं।

छोटी बातें करते हैं जो लोग,
चार पैसे में बिकते हैं जो लोग,
करते हैं नीचा दिखाने की कोशिश,
पता नहीं कहां से आते हैं ऐसे लोग।

सारा जहां वरा है मतलबी चेहरे से,
अब किसके पास जाउ में अपना दिल लेकर,
कैसे रखू वरोसा दुसरो के प्यार में,
याहा आपने लोग मजा ले आपने की हार पर।

सच्चे मोहब्बत करने वाले किसी कोने की पहचान बन गये,
और मतलबी दिलों के मालिक हो गये।

इंसान की अच्छाई पर सब खामोश रहते हैं,
चर्चा अगर उसकी बुराई पर हो, तो गूॅगे भी बोल पङते हैं।

इस मतलबी दुनिया में दोस्ती सिर्फ इक दिखावा है,
तुझे भी धोखा मिलेगा, ये मेरा दावा है।

Matlabi Log Shayari

मतलबी लडकी से अच्छी तो मेरी सिगरेट हे यारो,
जो मेरे होठ से अपनी जिंदगी शुरू करती हे,
ओर मेरे कदमो के नीचे अपना दम तोड देती हे।

जब रिश्ता नया होता हैं तो,
लोग बात करने का बहाना ढुढते हैं,
और जब उही रिश्ता पुराना हो जाता हैं,
तो लोग दुर होने का बहाना ढुढते हैं।

प्यासी ये निगाहे तरसती रहती है,
तेरी याद मे अक़्सर बरसती रहती है,
हम तेरे खयालों मे डूबे रहते है,
और ये ज़ालिम दुनिया हम पर हसती रहती है।

जिस पर भरोसा होता है, और जब वही धोखा देता है,
तो पूरी दुनिया मतलबी लगने लगती है।

देकर कुर्बानी अपने चाहत कि जानम,
हम अपनी नजरों में महान हो गए,
इस्क दिखता है अब किताबो में जानम,
ना जाने क्यों मतलबी इंसान हो गए।

कुछ पल के लिए दुश्मनो के दिल में कारार आया,
जब हम दोनो के बीच मे दारार आया,
दोस्त बनके देना था जिनको हमारा साथ,
बेईमानो के तारहा निकल गया बिना सुनी हमारी बात।

दोस्ती एक ऐसा रिस्ता है,
जो लाख मुसिबातो में भी अटल है,
पर जो मतलब केलिए दोस्ती करे,
वो दोस्त के नाम पर कलंक है।

Rishte Matlabi Shayari

बहुत मतलबी हो गई है ये दुनिया,
सिर्फ अपने बारे में सोचती है ये दुनिया,
कोई मर भी रहा होगा इनके सामने,
पैर रखकर आगे बढ़ जाएगी ये बेरहम दुनिया।

जिस चेहरे पर किया वरोसा मैंने,
बेमतलब मुझे धोखा दिया,
किया दगाबाजी उसने पर,
इल्जाम मुझपे लगा दिया।

स्वार्थ के बिना तो लोग यहां ईश्वर को भी याद नहीं करते हैं,
अपनी लालसा के लिए उसे इक्कीस रुपये की रिश्वत देने का वादा करते हैं।

आओ सुनाऊं मतलबी दोस्त की कहानी,
भरोसा तोड़कर पहुंचाते हैं हानि,
दिल पर करेंगे ये वार,
आंखों से न बहा पाओगे पानी।

आपने तजु्रबे से सिखा मैंने,
ये दुनिया मतलब के भुखा है,
सच्चा प्यार सिर्फ मिलता है किताबो में,
यहा सभी ऊपर से अच्छे दिखते हैं।

दुसमानो से बचके रहना सिखों,
ये बहुत तकलीफ देते हैं,
उससे भी ज्यादा तकलीफ दे वो दोस्त,
जो मतलब केलिए दोस्ती करते हैं।

Matlabi Paise Ki Duniya Hai Shayari

स्वार्थी लोग पहले तो दिल में बड़े प्यार से बसते हैं,
फिर धीरे-धीरे यूं दिल से उतरते हैं,
कि कहने-सुनने को कुछ रह नहीं जाता,
अब हम भी उन्हें देख दूर से ही रास्ता बदलते हैं।

मेरे दिल में नफ़रत की आग लगाइ उसने,
और खड़े खड़े माजा भी लेते रहे,
मरते हुए देखके मुझको,
आँखों से अंशु भी बहाया उसने।

इस दुनिया से हमने यही है सीखा,
जो पीठ के पीछे बोलते हैं तीखा,
उनसे बना लो समय पर दूरी,
इससे पहले ये जीवन कर दें फीका।

तेरे दोस्ती से मिलि इतना प्यार मुझे,
की तेरे बिना कोई भी रास ना लगे,
आगर कबी करना हो बेवफाई तुझे,
तो ऐसे करना जैसे,
उसके बाद तेरे जैसा कोई बेवफा ना लगे।

जो नहीं था, अपने पास,
दुसरो में देखा तो पाना चाहा,
जब वो मिल गया जो, दुसरो में देखा,
तोह किसी और को ना मिले ये चाहा।

खूबसूरत चेहरे के पीछे छिपा होता है मतलबी इंसान,
ऐसे लोगों को पहचानना नहीं होता आसान,
ये लोग अक्सर मीठी बातें करते हैं,
मौका पड़ने पर ही दिखा देते हैं अपनी पहचान।

Matlabi Dost Shayari

चालाकियां करते-करते खो देते हैं रिश्ते सारे,
फिर कोई साथ नहीं देता जब मुश्किल में होते हैं प्यारे,
यही कहते बीत जाती है जिंदगानी सारी,
अब कोई साथ नहीं खड़ा होता हमारे।

पीठ पीछे जो हमेशा करते हैं बुराई,
सीख लेनी चाहिए उनसे थोड़ी चतुराई,
क्या पता कब काम में आ जाए,
क्योंकि हर रिश्ते की नींव नहीं होती सच्चाई।

बुरे हालातों ने बहुत कुछ सिखाया है,
अब जान पाया कि कौन अपना कौन पराया है,
जब साथ छोड़ गए वो मतलबी दोस्त,
तब आंखों से विश्वास का परदा उठ पाया है।

इस धोखेबाज़ दुनिया में,
सिर्फ मतलब का सिक्का चलता है,
यहा आपने लोग भी,
आपने मतलब के लिए मिलते हैं।

जिनके अंदर होती है अहम की अकड़,
उनकी आंखों पर परदा जाता है पड़,
फिर मतलब के हो जाते हैं वे साथी,
छूटती जाती है अपनों से पकड़।

स्वयं की कमियों को बताता कोई नहीं,
अपने मतलब के बगैर हाथ मिलाता कोई नहीं,
प्यार से सभी करते हैं आपसे,
मगर किसी का साथ निभाता कोई नहीं।

यूँ बात -बात पर जान हाज़िर मत कीजिये जनाब,
लोग मतलबी होते है कहीं माँग न ले।

Matlabi Duniya Shayari

खुद पर बीतती है, तो दर्द बताते हैं,
दूसरों पर गुजरे तो कहते हैं ड्रामा,
दुनिया की यही रीत है यारों,
यूं ही नहीं कहते इसे मतलबी जमाना।

कोई कहता है, दुनिया प्यार से चलती है,
कोई कहता है, दुनिया दोस्ती से चलती है,
लेकिन जब अजमाया तो पता चला की,
दुनिया तो बस मतलब से चलती है।

पहले उसने कहा कि दुनिया,
प्‍यार” से चलती है,
फिर कहा कि दुनिया ”दोस्‍ती” से चलती है,
लेकिन मैंने जब सब आजमाया तो पाया,
कि दुनिया तो बस ”मतलब” से चलती है।

उन दुश्मनों से डरने की कोई जरूरत नहीं जो सामने से वार करते हैं,
बचना है तो उन मतलबी लोगों से बचो जो आपको गले लगाते हैं।

दोस्त और दुश्मन में फ्रक है बस इतना,
जब दुश्मन चोट दे,
तो शरिर घायल होता है,
पर जब दोस्त से मिले धोका,
तब चोट दिल मै लगता है।

सच बोलने वालों से ही नफरत करते हैं लोग,
मतलब के लिए ही करीब आ जाते हैं लोग,
दूसरों का सुख-चैन हर के,
दूर खड़े तमाशा देखते रहते हैं ये लोग।

मुझे क्या हक़ मैं किसी को मतलबी कहुं,
मैं खुद खुदा को मुसीबत मे याद करता हूँ।

पहचान नहीं करनी पड़ती घटिया लोगों की,
ये वक्त आने पर खुद देते हैं अपनी पहचान,
इनसे बचा कर रखें अपनी आन-बान-शान।

दुनिया बहुत मतलबी है,
साथ कोई क्यो देगा,
मुफ्त का यहा कफ़न नही मिलता,
तो बिन पीड़ा के प्यार कौन देगा।

Matlabi Family Rishte Shayari

दुनिया बहुत मतलबी है साथ कोई क्यो देगा,
मुफ्त का यहाँ कफ़न नही मिलता तो बिना गम के प्यार कौन देगा।

दोस्त के भेस में ऐसा धोखा दिया,
अब दोस्ती से विश्वास उठ गया,
दिल के टुकड़े हुए इतने,
उसे जोरने का उम्मीद मिट गया।

इतना भी ना करो वरोसा किसिको,
की उसके जाने से दिल टूट जाए,
इतना भी ना हो ऐतबार किसिपे,
की खुद का जीना मुश्किल हो जाए।

स्वार्थी इंसान आपको अपने हिसाब से ढालने की कोशिश करेगा,
लेकिन आप भगवान के दिए लिबास के हिसाब से रहना।

उम्र गुजरती गयी तेज रफ्तार की दर से,
एक साहूकार की नज़र से,
मतलबी लोगों की पहचान हुई,
जो स्वार्थ के लिए सबको अपना मानते थे,
पर मतलबी थे बस धोखा देना जानते थे।

उम्मीद करते है की, आपको यह हमारा मतलबी शायरी हिंदी आपको जरूर पसंद आया होगा। आप हमारा यह लेख अपने मित्रो के साथ साझा कर सकते है, और हमें कमेंट में बता सकते है आपको हमारा यह लेख कैसा लगा।

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