150+ देशभक्ति शायरी | Desh Bhakti Shayari

दोस्तों क्या आप ढूंढ लेते हैं जोश भर देने वाली देशभक्ति शायरी और कविता हमने यहां पर पूरी सूची तैयार की है। जिसे आप पढ़ कर अपने देश के लिए अच्छा महसूस करेंगे। इस तरह की देशभक्ति की आग उगलती शायरी आपको कहीं और नहीं मिल पाएगी। 

हर किसी के लिए उसका देश सबसे प्यारा होता है क्योंकि वह उसी देश में पला बढ़ा है हर इंसान चाहता है कि वह अपने देश के लिए कुछ ना कुछ करें और अपने देश को विश्व में सबसे ऊंचे स्थान पर देखें।

Desh Bhakti Shayari | देशभक्ति शायरी

Desh Bhakti Shayari

तीन रंग का नही वस्त्र,
ये ध्वज देश की शान है,
हर भारतीय के दिलो का स्वाभिमान है,
यही है गंगा, यही है हिमालय,
यही हिन्द की जान है,
और तीन रंगों में रंगा हुआ ये अपना हिन्दुस्तान है।

कुछ नशा तिरंगे की आन का है,
कुछ नशा मातृभूमि की शान का है,
हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा,
नशा ये हिंदुस्तान के सम्मान का है।

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देशभक्ति शायरी

मैं अपने देश का हरदम सम्मान करता हूँ,
यहाँ की मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,
मुझे डर नहीं है अपनी मौत से,
तिरंगा बने कफ़न मेरा,
यही अरमान रखता हूँ।

वो जिंदगी ही क्या जिसमे
मोहब्बत वतन की सिमटी न हो,
वो मौत ही क्या जो तिरंगे में लिपटी न हो।

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patriotic shayari

भारत की आजादी पर शायरी

ना सरकार मेरी है, ना रौब मेरा है,
ना बड़ा सा नाम मेरा है,
मुझे तो एक छोटी सी बात का गौरव है,
मै “हिन्दुस्तान” का हूँ
और “हिन्दुस्तान” मेरा है।
जय हिन्द

कोई हस्ती कोई मस्ती कोई चाह पे मरता है,
कोई नफरत कोई मोहब्बत कोई लगाव पे मरता है,
यह देश है उन दीवानों का,
यहाँ हर बन्दा अपने वतन पे मरता है।

दे सलामी इस तिरंगे को जिससे तेरी शान है,
सर हमेशा ऊँचा रखना इसका जब तक दिल में जान है।

Desh Bhakti Line

देशभक्ति की आग उगलती शायरी कविता

एक सैनिक ने क्या खूब कहा है,
किसी गजरे की खुशबु को महकता छोड़ आया हूँ,
मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूँ,
मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना ऐ भारत माँ,
मैं अपनी माँ की बाहों को तरसता छोड़ आया हूँ।

नफरत बुरी है न पालो इसे,
दिलो में खालिश है निकालो इसे,
न तेरा न मेरा न इसका न उसका,
ये सबका वतन है संभालों इसे। 

Desh Bhakti Shayari in Hindi

आओ झुक कर सलाम करे उनको,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
खुशनसीब होता है वो खून,
जो देश के काम आता है।

वो चिराग हूँ मैं, जो हर तूफान जलता हूँ,
महबूब-ए-वतन के खातिर सीना तान चलता हूँ
और मुझे क्या मारेगा ये मेरे दुश्मन,
मै बसा के सीने में हिंदुस्तान चलता हूँ। 

desh bhakti shayari 2 line

ये देश से ही तो एक प्यार है,
वर्ना यहाँ सब के बीच तकरार है,
इस देश के लिए हम मरने को भी तैयार है,
एक बार मौका तो दे फिर देख,
ये देश द्रोही को वॉर के लिए ललकार है।

वतन से मोहब्बत शायरी

नफरत की भावना को भी बड़े प्यार से सहते है,
ये देश नहीं मेरी जान है,
जिसे हिन्दुस्तान कहते है।

देशभक्ति की महक अब मेरे कपड़ों से भी आने लगी हैं,
अब तो मेरी धड़कन भी जय हिंद गाने लगी है। 

मैं मर जाऊँ तो सिर्फ मेरी इतनी पहचान लिख देना,
मेरे खून से मेरे माथे पर जन्म स्थान लिख देना,
कोई पूछे तुमसे स्वर्ग के बारे में तो,
एक कागज के टुकड़े में हिन्दुस्तान लिख देना।

मै भारतवर्ष का हरदम हरपल सम्मान करता हूँ,
यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा,
बस यही अरमान रखता हूँ। 

इतना भी मत मरो सनम बेवफा के लिए,
दो गज जमीन भी नहीं मिलेगी दफ़न के लिए,
मरना है तो मरो अपने वतन के लिए,
हसीना भी दुपट्टा निकाल देगी कफ़न के लिए।

सुंदर है जग में सबसे,
नाम भी न्यारा है जहां जाती-भाषा से बढ़कर,
देश-प्रेम की धारा है निशचल,
पावन, प्रेम पुराना,
वो भारत देश हमारा है।

करता हूँ भारत माता से गुजारिश, हमेशा यही कि,
तेरी भक्ति के सिवा कोई बंदगी कभी न मिले,
हर जन्म मिले हिन्दुस्तान की पावन धरती पर,
या फिर कभी मुझे ज़िन्दगी ही न मिले।

Desh Bhakti Quotes/Thoughts in Hindi

कुछ पन्ने पढ़ कर इतिहास के,
मेरे मुल्क के सीने में शमशीर हो गए,
जो लड़े जो मरे वो शहीद हो गए,
जो डरे जो झुके वो वजीर हो गए।  

बलिदानों का सपना जब सच हुआ,
देश तभी आजाद हुआ,
आज सलाम करे उन वीरों को,
जिनकी शहादत से ये भारत गणतंत्र हुआ।

ना जियो धर्म के नाम पर,
ना मरो धर्म के नाम पर,
इंसानियत ही है धर्म वतन का,
बस जियो वतन के नाम पर। 

दोस्ताना इतना बरकरार रखो कि
मजहब बीच में न आये,
कभी तुम उसे मंदिर तक छोड़ दो,
वो तुम्हें मस्जिद छोड़ आये कभी।

दिल हमारे एक हैं एक ही है हमारी जान,
हिन्दुस्तान हमारा है, हम हैं इसकी शान,
जान लुटा देंगे वतन पे हो जाएंगे कुर्बान,
इसलिए हम कहते हैं मेरा भारत महान।

लुटेरा है अगर आजाद, तो अपमान सबका है,
लुटी है एक बेटी, तो लुटा सम्मान सबका है,
बनो इंसान पहले छोड़ कर तुम बात मजहब की,
लड़ो मिलकर दरिंदों से ये हिंदुस्तान सबका है।

जब मुल्ला को मस्जिद में राम नजर आए,
जब पंडित को मंदिर में रहमान नजर आए,
सुरत ही बदल जाए इस दुनिया की,
अगर इंसान को इंसान में इंसान नजर आए।

जब आँख खुले तो धरती हिन्दुस्तान की हो,
जब आँख बंद हो तो यादेँ हिन्दुस्तान की हो,
हम मर भी जाए तो कोई गम नही लेकिन,
मरते वक्त मिट्टी हिन्दुस्तान की हो। 

चलो फिर से आज वो नज़ारा याद कर लें,
शहीदों के दिल में थी वो ज्वाला याद कर लें,
जिसमें बहकर आजादी पहुंची थी किनारे,
देशभक्तों के खून की वो धारा याद कर लें।

भारत पर शायरी

सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा,
हम बुलबुले हैं उसकी वो गुलसिताँ हमारा,
परबत वो सबसे ऊँचा
हमसाया आसमाँ का
वो संतरी हमारा वो पासबाँ हमारा।
जय हिन्द

आओ झुककर सलाम करे उनको,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
खुशनसीब होते हैं वो लोग,
जिनका लहू इस देश के काम आता है।

गूंजे कहीं पर शंख,
कही पे अजाँ हैं,
बाइबिल है, ग्रंथ साहब है,
गीता का ज्ञान हैं,
दुनिया में कहीं और यह मंजर नसीब नहीं,
दिखाओ जमाने को यह हिन्दुस्तान हैं।

तिरंगा है आन मेरी, तिरंगा ही है शान मेरी,
तिरंगा रहे सदा ऊँचा हमारा,
तिरंगे से है धरती महान मेरी।