150+ Chai Shayari | Shayari on Chai

Shayari on Chai: चाय एक ऐसा पेय है जिसका सेवन सदियों से किया जाता रहा है। यह कई देशों में उगाया जाता है और इसका उपयोग विभिन्न संस्कृतियों में विभिन्न प्रयोजनों के लिए किया जाता है, जैसे कि औषधीय या औपचारिक।

“चाय” शब्द चीनी शब्द “चा” से आया है, जिसका अर्थ है “रोकना” या “आराम करना”।

चाय की पत्तियों में कैफीन होता है, जो एक उत्तेजक है और यही कारण है कि लोग जागते रहने के लिए चाय पीते हैं।

Chai Shayari

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हर चीज अपने वक़्त पर अच्छी लगती है,
मगर ये चाय तू हर वक़्त अच्छी लगती है।

chai shayari in hindi

हाथ में चाय और यादों में आप हो,
फिर उस खुशनुमा सुबह की क्या बात हो।

chai pe shayari

चाय की चुस्की के साथ अक्सर कुछ गम भी पीता हूं,
मिठास कम है जिंदगी में मगर जिंदादिली से जीता हूं।

chai par shayari

जो वक़्त के साथ बदल जाए, वो राय होती है,
जब ज़िंदगी में कुछ नहीं होता, तब बस चाय होती है।

chai lover shayari

कुछ तुझ पर उधार है,
कुछ मुझ पर उधार है,
ये दोस्ती की मीठी यादे
चाय की कर्जदार है।

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काश एक ख्वाहिश पूरी हो इबाबत के बगैर,
तुम चाय लेकर आओ मेरी इजाजत के बगैर।

Shayari On Chai

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जिंदगी कुछ यूँ जिया करो
दिल नरम रखा करो
और चाय कड़क पिया करो।

shayari on chai in hindi

वो चाय रखी है टेबल पर,
इतवार पुराने ले आओ
हम कह देंगे कल छुट्टी है
तुम यार पुराने ले आओ।

chai ke upar shayari

शाम हसीं थी और में बहकता रहा,
नशा चाय का था और वक्त गुजरता रहा।

chai pe shayari in hindi

काश जिंदगी चाय जैसी होती,
मौसम कोई भी हो अच्छी लगती।

poetry chai shayari

चंद चुस्कियों में जिंदगी जीनी है,
बस एक दफा उसके हाथ की चाय पीनी है।

chai lover chai shayari

आज फिर चाय की मेज़ पर
एक हसरत बिछी रह गयी,
प्यालियों ने तो लब छू लिए
केतली देखती रह गयी।

Chai Shayari In Hindi

chai par shayari in hindi

इश़्क है तो ज़ाहिर कर,
बनाकर चाय हाज़िर कर,
अदरक डाल या डाल इलायची,
कूटकर मोहब्बत भी शामिल कर।

chai wali shayari

सुबह से तेरी जरूरत है,
तू नहीं तो दिन बदसूरत है,
तेरे से ही हमारी सुबह है,
और तू ही चाय बाहोत खूबसूरत है।

chai shayari hindi

छोटी ही सही पर एक ऐसी मुलाकात हो,
हम तुम चाय और हलकी सी मुलाकात हो।

chai shayari

जिंदगी को हमसफ़र चाहिए जीने के लिए,
हमें तो चाय चाहिए पीने के लिए।

shayari on chai

उसने कहा हमें मनाना नहीं आता,
हमने कहा चाय बनाना तो आता है ना।

chai shayari in hindi (2)

दुनियाँ से थोड़े जुदा हैं हम
हमें जुदा ही रहने दो,
हमारे लिए चाय खुदा है
उसे खुदा ही रहने दो।

Chai Pe Shayari

chai lover shayari (2)

बिना शृंगार भोली सी सूरत
हर बात पर सच्ची लगती हो,
हाँ तुम हो बिलकुल मेरी चाय के जैसी
मुझे सांवली ही अच्छी लगती हो।

chai ke upar shayari (2)

गरम मिज़ाज और सावला सा रंग
अच्छी बीत रही है जिन्दगी चाय के संग।

किसको बोलो हेल्लो? किसको बोलू हाय,
हर टेंशन का एक ही हल अदरख वाली चाय।

रगो में जिसके चाय बहती हैं ,
हमारी दोस्ती उसी के साथ कायम रहती हैं।

उफ्फ चाय की तरह
चाहा है मैने तुझे,
और तुने बिस्कुट की तरह
डुबो दिया अपनी यादो मे मुझे।

मिलो कभी चाय पर फिर क़िस्से बुनेंगे,
तुम ख़ामोशी से कहना हम चुपके से सुनेंगे।

Chai Par Shayari

वो चाय ही क्या जिसमे उबाल न हो ,
वोह दोस्ती ही क्या जिसमे बवाल न हो।

तेरे इश्क़ का ही सब कमाल हैं,
फीकी चाय मैं भी कितनी मिठास हैं।

मेरे हाथों से तुम्हें
अदरक की चाय पिलाऊंगा,
सुनो ना, तुम रूठो
तो मैं तुम्हें मनाऊंगा।

उसकी बातें इतनी मीठी लगती है,
फिर हमारी चाय फ़ीकी लगती है।

मिलते रहना सबसे
किसी ना किसी बहाने से,
रिश्ते मजबूत बनते है
चाय के बहाने से।

जुर्म एक संगीन किया जाए आप के साथ,
सुबह को रंगीन किया जाए चाय के साथ।

Chai Lover Shayari

दर्द का सहारा तो चाय ही है,
वरना ये सर्द रातें कैसे गुजरती।

चाय के नशे का आलम तो कुछ यह है गालिब,
कोई राई भी दे तो अदरक वाली बोल देते है।

बस इतनी सी मेरी कहानी है,
चाय ही मेरी जिंदगानी है।

ऐ ज़िन्दगी आ बैठ कहीं चाय पीते है,
तू भी थक गया होगा मुझे परेशान कर कर के।

महकती हुई सुबह की चाय अब बेस्वाद सी हो गयी,
तेरे मेरे बिच मे जब से ये दुरिया आ गयी।

गर्मी में भी सर्द हवा जैसी है,
मेरी चाय बिल्कुल दवा जैसी हैं।

खुद से दूर हूँ मगर तुम पास हो,
ए चाय तुम हमारे लिए खास हो।

एक कप चाय पिला कर वो हमें मना लिया करती थी,
हमारी नाराज़गी भी कितनी सस्ती हुआ करती थी।

मिलो कभी चाय पर फिर क़िस्से बुनेंगे,
तुम ख़ामोशी से कहना हम चुपके से सुनेंगे।

कौन कहता है कि शराब में ही नशा होता है,
कभी चाय से मोहब्बत तो करके देखो।

सुबह की चाय और बड़ो की राय,
समय-समय पर लेते रहना चाहिए।

चलो एक ख्वाब देखते है तुम और मैं एक साथ देखते है,
घर के छत चाय के कप के साथ हर एक शाम देखते है।

चाय के साथ बिस्किट ने ये सबक तो दिया के,
किसी में इतना डूबोगे तो टूट जाओगे।

चाय दूसरी ऐसी चीज है,
जिससे आँखे खुलती है,
धोखा अभी भी पहले नंबर पर है।

ये बारिश का मौसम और तुम्हारी याद,
चलो फिर मिलते है एक कप चाय के साथ।

वो पल भी कोई पल है
जिस पल तेरा एहसास ना हो,
वो चाय फिर चाय कैसी
जिसमें तेरे होठों सी मिठास ना हो।

जिदंगी असली वही जीते है,
कैसा भी हाल हो वो बस चाय पीते है।

चाय पर चर्चा और चाय पर खर्चा,
कभी जाया नहीं जाता।

जाना चाय तो जान है,
और जान है तो जहान है।

नशा होकर भी हलाल होता है,
चाय का प्याला भी कमाल होता है।

यादों में आप और हाथ में चाय हो,
फिर उस सुबह की क्या बात हो।

चारो तरफ कोहरा है,
हवाओं में ठंड का पहरा हैं,
हाथ में चाय का प्याला है,
अब आग का सहारा है।

जिंदगी के सफर में मेरी हर वक्त की फरमाइश हों तुम,
मेरी पहली और आखिरी ख्वाहिश हो तुम।

मिलों कभी चाय पर फिर कोई किस्से बुनेंगे,
तुम खामोशी से कहना, हम चुपके से सुनेंगे।

आशिको की आशिक़ी, वो यारों की यारी है,
वो सिर्फ चाय नहीं, हमारी मुलाकात की पहली तैयारी है।

अब तो चाय को भी खुद पर गुरुर होता है,
बखूबी जानती है वो हम पर उसका सुरूर होता है।

वो पल भी कोई पल है,
जिस पल में तेरा एहसास न हो,
वो चाय फिर चाय कैसी
जिसमें तेरे होंठो सी मिठास न हो।

ठण्ड का मौसम हो और
किसी की यादे हो सीने में,
फिर ऐसे मौसम में मजा आता है
गर्मा गरम चाय पीने में।

सुहानी सुबह और बारिश के रिमझिम फुहारें,
हाथों में अदरक वाली चाय और दिल में याद तुम्हारें।

चाय के कप से उड़ते धुंए में
मुझे तेरी शक़्ल नज़र आती है
तेरे इन्ही ख़यालों में खोकर,
मेरी चाय अक्सर ठंडी हो जाती है।

हम ज़िन्दगी को बड़े ही जिन्दादिली से जीते है,
मजा तब आता है जब चाय दोस्तों के संग पीते है।

अब ना ही किसी का दिल दुखाएंगे,
अब ना ही किसी पर हक़ जताएंगे,
अब यूंही चाय पीकर 4 दिन की जिन्दगी बिताएंगे।

एक कप चाय और कुछ नमकीन,
कोई अपना साथ हो तो मौसम हो जाए हसीन।

चाय की दुकान पर
सिर्फ चाय के दीवाने आते है,
जिन्हें कोई समझ ना सका
वो खुद को समझाने आते है।

सर्द राते और चाय की प्याली हो
हाथ में गरमा गरम पकोड़े की थाली हो
बच्चो का पागलपन वाला शोर हो
और बूढ़ो का सिर्फ चाय की चुस्कियों में जोर हो।

इंतजार का वक़्त इतना प्यारा ना होता,
अगर साथ में चाय का सहारा ना होता।

चाय की चुस्की के साथ अक्सर कुछ गम भी पीता हूं,
मिठास कम है जिंदगी में मगर जिंदादिली से जीता।

सुबह की नींद से आपको जगायें कैसे,
चाय बड़ी अच्छी बनाई है पिलायें कैसे।

मेरे तो बस दो ही शौक है,
एक अपनी मस्ती में जीने का
और दूसरा कप भर के चाय पीने का।

हर रोज़ होता है मुझे इश्क़ तुमसे,
तुम मेरी सुबह की पहली चाय से हो गए हो।

कमबख़्त हसीन मौसम था,
वो थी और थी चाय मोहब्बत लाज़मी थी,
बचने का न था कोई उपाय।

छाँव मिल जाए तो कम दाम में बिक जाती है,
अब थकान थोड़े से आराम में बिक जाती है।

खुशी का जिकर हो तुम,
हर दर्द की दवा हो तुम,
चाय मेरी हर मुश्किल का समाधान हो तुम।

मेरे दिल को लगी
चाय की प्यास हो तुम,
कैसे बताऊं मेरे लिए
कितनी खास हो तुम।

जिंदगी को तुम खुल कर जीना,
हर रोज सेहतमंद चाय जरूर पीना।

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